उत्तराखंडदेहरादूनबॉलीवुडमनोरंजनराज्यसंस्कृति

अप्रैल में रिलीज होगी फिल्म “माटी पहचान”, उत्तराखंड के दर्शकों को बेसब्री से इंतज़ार, देखें- ट्रेलर

उत्तराखंडी सिनेमा जगत भी अब प्रोफेशनल तरीके से राज्य की बोली भाषा और संस्कृति को फिल्मो के माध्यम से बड़े पर्दे पर उतारने लगा है. जी हाँ जल्दी ही उत्तराखंडियों को फराज शेर की एक ऐसी ही फिल्म "माटी पहचान" देखने को मिलेगी. फिल्म का टीजर फ़ार्च्यून टॉकीज़ मोशन पिक्चर्स के यू-ट्यूब चैनल पर रिलीज़ किया गया है. बताया जा रहा है कि फिल्म में स्थानीय बोली भाषा के साथ ही "bollywood" का तड़का देखने को मिलेगा. फिल्म को अप्रैल में उत्तराखंड के सभी  सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा लेकिन उससे पहले उत्तराखंड के लोगो को इसके गानों और ट्रेलर का बेसब्री से इंतज़ार है,जो जल्द ही खत्म होगा.

Dehradun: उत्तराखंडी सिनेमा जगत भी अब प्रोफेशनल तरीके से राज्य की बोली भाषा और संस्कृति को फिल्मो के माध्यम से बड़े पर्दे पर उतारने लगा है. जी हाँ जल्दी ही उत्तराखंडियों को फराज शेर की एक ऐसी ही फिल्म “माटी पहचान” देखने को मिलेगी. फिल्म का टीजर फ़ार्च्यून टॉकीज़ मोशन पिक्चर्स के यू-ट्यूब चैनल पर रिलीज़ किया गया है. बताया जा रहा है कि फिल्म में स्थानीय बोली भाषा के साथ ही “bollywood” का तड़का देखने को मिलेगा. फिल्म को अप्रैल में उत्तराखंड के सभी  सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा लेकिन उससे पहले उत्तराखंड के लोगो को इसके गानों और ट्रेलर का बेसब्री से इंतज़ार है,जो जल्द ही खत्म होगा.

फ़ार्च्यून टॉकीज़ मोशन पिक्चर्स के बैनरतले अजय बेरी के निर्देशन में निर्मित “माटी पहचान” फिल्म की कहानी मन मोहन चौधरी ने लिखी है. जबकि संगीत को उत्तराखंड के प्रसिद्ध संगीतकार राजन बजेली ने लिखने के साथ साथ इन गीतों को संगीतबद्ध किया है और गानों में पहाड़ की संस्कृति के सार के साथ-साथ मुख्यधारा की फिल्मों के ग्लैमर का भी समावेश किया है. यह फिल्म पलायन जैसे गंभीर मुद्दों को समेटकर पहाड़ के ज्वलंत मुद्दों को रेखांकित करती है. फ़िल्म में उत्तराखंड की उन बेटियों पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है. जिनकी आकांक्षाएँ समाज के डर में दबी रह जाती है और कुछ बेटियां अपनी मेहनत और लगन से समाज के डर से आगे बढ़कर कुछ बड़ा कर जाती है. इसी वजह से इसके टीज़र को “DAUGHTER OF THE MOUNTAINS” का नाम दिया गया है और अपने इसी नाम के चलते ये टीज़र काफ़ी चर्चाओं में भी है.

फिल्म में लीड रोल के रूप अंकिता परिहार और करन गोस्वामी दो नये चेहरे हैं. दोनों ही कलाकारों का फिल्म जगत में यह डेब्यू है. फिल्म के टीजर में दोनों कलाकारों ने ख़ासा प्रभावित किया है. आने वाले कुछ दिनों में फिल्म के कुछ गीत भी रिलीज होने हैं. फिल्म के टीज़र को लोगों द्वारा खूब पसंद भी किया जा रहा है. टीज़र में संगीत, कलाकारों की अदाकारी और फिल्म की वीडियो क्वालिटी उसे और भी इन्टेंस बनाती हैं.

माटी पहचान जैसी फ़िल्में राज्य में फिल्म उद्योग को एक मजबूत आधार प्रदान करने के लिये काफी जरुरी हैं. इस प्रकार की फ़िल्में केवल राज्य की प्राकृतिक सुन्दरता को पर्दे पर नहीं दिखाती बल्कि स्थानीय लोगों को भी बड़े रोजगार देती हैं. इसके साथ ही उत्तराखंड के कलाकारों के लिये, दुनिया तक अपना टेलेंट पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम बनती हैं.

फ़िल्म निर्माता फ़राज़शेर ने टीज़र के बारे में बात करते हुए कहा, “अगर आप उत्तराखंड के भीतर प्रमुख शिक्षण संस्थानों की संख्या पर नज़र डालें, तो यह वास्तव में आश्चर्य जनक है। ऐसे समय में जब दुनियाभर में और यहां तक ​​कि हमारे देश के शहरी हिस्सों में महिलाएं समाज की अगवाई कर रही हैं, फिर उत्तराखंड की लड़कियों को भी ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित क्यों नहीं किया जा सकता है? ”

फ़राज़ ने कहा, “जब शैक्षणिक संस्थान में फ़िल्म के एक हिस्से की शूटिंग करने की बात आई तो हम देशभर के किसी भी बड़े संस्थान में शूटिंग कर सकते थे। लेकिन हम प्रामाणिकता बनाए रखना चाहते थे और उत्तराखंड में ही फ़िल्म की शूटिंग करना चाहते थे। और तब हमने ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय, भीमताल में इसको शूट करने का कदम उठाया। आधुनिक नवीनतम संस्थान और बुनियादी सुविधाओं से लेस होने के साथ-साथ इसकी सुंदरता वाकई देखने लायक है, जिसकी वजह से यहाँ शूटिंग करने का फैसला हमारी फ़िल्म के लिए एकदम सही था। ”

“माटी पहचान” अपनी तरह की पहली फ़िल्म है जो उत्तराखंड में केवल स्थानीय प्रतिभाओं, संसाधनों और स्थानों का उपयोग करके बनाई गई है, जो अपने ट्रीटमेंट, सौंदर्य और उत्पादन मूल्य के मामले में मुख्यधारा के बॉलीवुड फ़िल्म्स के बराबर है।

Tags

Leave a Reply

Close