फौलादी इरादे लेकर लौटे कलम के योद्धा सेमवाल, हुआ भव्य स्वागत, जरूर देखें विडियो-

Dehradun: रंगदारी और ब्लैक मेलिंग के झूठे आरोप में विगत 22 नवंबर से जेल में बंद पर्वतजन पोर्टल के संपादक एवं उत्तराखंड वेब मीडिया एसोसिएशन के अध्यक्ष शिव प्रसाद सेमवाल 57 दिन जेल में रहने के बाद शुक्रवार को अपनों के बीच घर लौट आए हैं. उन्हें 15 जनवरी को उत्तराखंड हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी. जेल के बाहर से लेकर देहरादून स्थित आवास में बधाई देने वालों का तांता लगा रहा. वहीं सेमवाल का पत्रकारों एवं स्थानीय लोगों ने फूल मालाओं के साथ ही आतिशबाजी व मिष्ठान वितरण कर भव्य स्वागत किया.

[highlight color=”red”]” उफनती लहरों को  साहिल की दरकार नहीं होती, बुलंद हौसले जो रोके कोई दिवार नही होती, जलता चिराग हूँ ऐ आंधियों भ्रम में ना रहना, उजाला बांटने वालों की कभी हार नहीं होती “[/highlight]
बता दें विगत 15 जनवरी को पत्रकार शिव प्रसाद सेमवाल गिरफ्तारी मामले में उच्च न्यायालय में जमानत याचिका पर  सुनवाई हुई. याचिका पर सुनवाई न्यायमूर्ति एन.एस. धनिक की एकलपीठ में हुई. सुनवाई के दौरान शिव प्रसाद सेमवाल के वरिष्ठ अधिवक्ता व पूर्व महाधिवक्ता वी.बी.एस. नेगी ने न्यायालय को बताया की शिव प्रसाद को षड्यंत्र के तहत फंसाया गया है. उन्होंने कभी किसी को ब्लैकमेल नहीं किया और  किसी से भी रंगदारी वसूल नहीं की, बल्कि उन्होंने निष्पक्ष पत्रकारिता की. जिसकी वजह से ही उन्हें यह सजा दी गई है. जिसके बाद उच्च न्यायालय ने उनकी जमानत याचिका को मंजूर कर लिया था.
शुक्रवार सायं जेल से उनकी रिहाई की खबर सुनते ही पत्रकार जगत के तमाम लोगों ने सुद्धोवाला पहुंचकर कलम के इस योद्धा का उसी रूप में स्वागत किया व बधाई दी, जिसके असल में वे हकदार थे. उत्तराखंड वेब मीडिया एसोसिएशन ने जहाँ अपने अध्यक्ष का शिव प्रसाद सेमवाल का भव्य स्वागत किया, वहीं उनके आवास पर शुक्रवार सुबह से ही बधाई देने वालों का तांता लगा रहा.
इस अवसर पर शिव प्रसाद सेमवाल का कहना है कि उन्हें एक्सटाॅर्शन के मामले में फंसाया गया है. निष्पक्ष पत्रकारिता करने की वजह से ही उन्हें यह सजा दी गई है. उन्होंने कहा कि इस प्रकरण से उन्होंने बहुत कुछ हासिल किया है और यह कोई वेदना नही बल्कि मेरे कंधे पर गोल्ड मेडल की तरह है. उन्होंने कहा कि इस क्षण ने उनको उनकी क्षमताओं से अवगत कराने के साथ ही उनको बताया कि उनके साथ समाज के कितने लोग खड़े हैं. सेमवाल साफ़ किया कि इस घटना के बाद उत्तराखंड के हितों के लिए आगे उनके इरादे फौलादी रूप में सामने आयेंगे.
इससे पहले उनके स्वागत के लिए एकत्र हुए पत्रकारों, उनके परिजनों व स्थानीय लोगों ने सेमवाल का भव्य स्वागत किया व शिव प्रसाद सेमवाल जिंदाबाद, उत्तराखंड वेब मीडिया एसोसिएशन जिंदाबाद के नारे लगाये. इस दौरान सेमवाल का फूल मालाये पहनाकर व आतिशबाजी कर जोरदार स्वागत किया गया. साथ ही इस मौके पर मिष्ठान वितरण किया गया.

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