उत्तराखंडदेहरादूनपर्यटनमसूरीराज्य

पर्यटन सीजन बुरी तरह रहा प्रभावित, 20 फीसदी बुकिंगें रद्द होने से हुई आर्थिक हानि: UHA

उत्तराखंड होटल एसोसिएशन एवं मसूरी होटल एसोसिएशन ने यहाँ एक संयुक्त प्रेसवार्ता में कहा कि उत्तराखंड में जून के प्रथम सप्ताह तक सीजन पिछले वर्षों के मुकाबले अच्छा चल रहा था, लेकिन उसके बाद अचानक मसूरी व नैनीताल सहित अन्य पर्यटक स्थलों में सीजन जिस तरह से प्रभावित हुआ है, उस पर मंथन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2013 की आपदा के बाद पहली बार जून माह में उत्तराखंड से पर्यटको का  इस कदर मोह भंग हुआ। उन्होंने प्रदेश सरकार को जिम्मेदार बताते हुए कहा कि सड़के ठीक नही होने व पार्किंग स्थलों की समुचित व्यवस्था न होने के कारण पर्यटकों को जगह जगह जाम से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा है। जिसका सीधा असर पर्यटन सीजन पर पड़ा, जिसका खामियाजा व्यवसायियों को तो हुआ ही है, सरकार को भी जीएसटी में बड़ी आर्थिक हानि हुई है।

मसूरी। उत्तराखंड होटल एसोसिएशन एवं मसूरी होटल एसोसिएशन ने यहाँ एक संयुक्त प्रेसवार्ता में कहा कि उत्तराखंड में जून के प्रथम सप्ताह तक सीजन पिछले वर्षों के मुकाबले अच्छा चल रहा था, लेकिन उसके बाद अचानक मसूरी व नैनीताल सहित अन्य पर्यटक स्थलों में सीजन जिस तरह से प्रभावित हुआ है, उस पर मंथन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2013 की आपदा के बाद पहली बार जून माह में उत्तराखंड से पर्यटको का  इस कदर मोह भंग हुआ। उन्होंने प्रदेश सरकार को जिम्मेदार बताते हुए कहा कि सड़के ठीक नही होने व पार्किंग स्थलों की समुचित व्यवस्था न होने के कारण पर्यटकों को जगह जगह जाम से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा है। जिसका सीधा असर पर्यटन सीजन पर पड़ा, जिसका खामियाजा व्यवसायियों को तो हुआ ही है, सरकार को भी जीएसटी में बड़ी आर्थिक हानि हुई है।

शनिवार को कुलड़ी स्थित एक होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में उत्तराखंड होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप साहनी ने कहा कि ईद के बाद भारी संख्या में आये पर्यटकों के कारण मसूरी व नैनीताल में भारी जाम लगने से इसका सन्देश देश भर में मीडिया, सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से नकारात्मक गया।  उन्होंने बताया कि अलग अलग जगहों से मिले आंकड़ों के मुताबिक पर्यटन सीजन में लगभग 20 फीसदी बुकिंगें रद्द होने से बड़े पैमाने पर आर्थिक हानि हुई है और जीएसटी में अनुमानतः 20 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है। साहनी ने कहा कि इसके बावजूद भी हम सब अभी भी नही संभले, तो मसूरी व नैनीताल के होटल व्यवसायियों व अन्य के व्यापार पर बुरा प्रभाव पडे़गा और उन्हें यहाँ से पलायन करने के लिए भी मजबूर होना पड़ेगा।

साहनी ने कहा कि इस दिशा में सभी उत्तराखंड वासियों के साथ ही सरकार को भी सोचना होगा, कि अगर उत्तराखंड को पर्यटन प्रदेश बनाना है तो सभी को गंभीर मंथन करना होगा। उन्होंने कहा कि जल्दी ही उत्तराखंड होटल एसोसिएशन पर्यटन सचिव से मुलाकत करेगी और सरकार से एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाने का आग्रह करेगी, ताकि पर्यटन से जुड़े सभी मसलों पर विस्तार से चर्चा व मंथन किया जा सके व उसका समाधान निकाला जा सके।

उन्होंने कहा कि हमें यह सोचना होगा कि हमे किस तरह का पर्यटन चाहिए। दिल्ली से उत्तराखंड की गढ़वाल व कुमांऊ मंडल की सभी सड़के खराब हैं, जिसके कारण जाम लगता है। जाम लगने से उत्तराखंड से बाहर गलत सन्देश जाने से पर्यटन सीजन बुरी तरह प्रभावित हुआ और खामियाजा व्यापारियों व उत्तराखंड वासियों को भुगतना पड़ा। यहाँ तक कि प्रशासन द्वारा पर्यटकों को नैनीताल व मुक्तेश्वर जाने से रोकने पर व्यापारियों को सड़कों पर उतरना पड़ा।

साहनी ने कहा कि प्रदेश में पहले से बनी दो हाईपावर कमेटी का जिक्र करते हुए कहा कि इन कमेटियों में एक के अध्यक्ष स्वयं मुख्यमंत्री व दूसरे के अध्यक्ष मुख्य सचिव थे। किन्तु वर्तमान हालत से लगता है कि ये कमेटियां निष्क्रिय हैं, जिन्हें जीवंत करना होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लिए अलग से टूरिज्म प्लान की आवश्यकता है। उन्होंने मसूरी व नैनीताल को भी चारधाम आल वेदर रोड से जोडे जाने की वकालत की है। उन्होंने कहा कि जुलाई के प्रथम सप्ताह में उत्तराखंड होटल एसोसिएशन द्वारा देहरादून में बैठक बुलाई गई है,जिसमे मंथन के बाद मुख्यमंत्री से भेंट की जायेगी। ताकि उत्तराखंड के पर्यटक स्थलों को लेकर अच्छा सन्देश जाए, और आगामी अक्टूबर माह के सीजन पर बुरा असर न पड़े।

इस अवसर पर उत्तराखंड होटल एसोसिएशन के महासचिव दीपक गुप्ता, मसूरी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष आरएन माथुर, महासचिव संजय अग्रवाल, शैलेंद्र कर्णवाल, विनेश सिंघल, अनमोल जैन, राजकुमार, हर्षदा वोहरा आदि मौजूद रहे।

Tags

Leave a Reply

Close