उत्तराखंडदेहरादूनपर्यटनमसूरी

चरम पर पर्यटक सीजन, बस अड्डों पर लगी लंबी कतारें, जोखिम में यात्रियों की जान

पहाड़ों की रानी मसूरी में पर्यटन सीजन चरम पर है। यहाँ आने वाले सैलानी प्राकृतिक सौन्दर्य का जमकर लुफ्त उठा रहे हैं, लेकिन परिवहन विभाग की खामियों के चलते भारी परेशानियों का सामना भी करना पड़ रहा है।  उत्तराखंड परिवहन विभाग द्वारा कमाई के चक्कर में लोगों की जान जोखिम में डाल कर बसों में क्षमता से अधिक सवारियों को भरकर ले जाया जा रहा है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा होने का खतरा बना हुआ है।

मसूरी। पहाड़ों की रानी मसूरी में पर्यटन सीजन चरम पर है। यहाँ आने वाले सैलानी प्राकृतिक सौन्दर्य का जमकर लुफ्त उठा रहे हैं, लेकिन परिवहन विभाग की खामियों के चलते भारी परेशानियों का सामना भी करना पड़ रहा है।  उत्तराखंड परिवहन विभाग द्वारा कमाई के चक्कर में लोगों की जान जोखिम में डाल कर बसों में क्षमता से अधिक सवारियों को भरकर ले जाया जा रहा है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा होने का खतरा बना हुआ है।

जी हाँ, इन दिनों मसूरी में पर्यटक सीजन अपने चरम सीमा पर है। लेकिन उत्तराखंड परिवहन विभाग द्वारा देहरादून से मसूरी के लिए पर्याप्त बसे संचालित नही करने के कारण बस अड्डों पर सैलानियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। परिवहन विभाग की कारगुजारियों के कारण जहाँ सैलानियों को टिकट के लिए कई घंटों तक प्रतीक्षा करनी पड रही है, वहीँ  जान जोखिम में डालकर यात्रा करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

दरअसल परिवहन विभाग अधिक कमाई के चक्कर में अपने ही नियम क़ानून ताक पर रखकर बसों की संख्या बढाने के बजाय 35 से 37 सीटर बसों में 50 से 60 यात्रियों को ढो रहा हैं। देहरादून से सिटी बस संचालकों ने विभाग को उनकी दरों पर मसूरी बसे चलाने का आग्रह भी किया, लेकिन विभाग लालच के चक्कर में उन्हें अनुमति नहीं दे रहा।

बस स्टैण्ड पर घंटों से लाइन में खडे पंजाब से आये यात्री सुखविंदर सिंह का कहना है कि मसूरी में आकर उन्होंने यहाँ के प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया, लेकिन अब वापस जाने के लिए बसें न होने से सारा मजा किरकिरा हो गया है और उन्हें बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली से स्कूली बच्चों को लेकर आई सुप्रिया का कहना है कि मेरे साथ बीस बच्चे हैं लेकिन दो घंटे से टिकट नहीं मिल पाया है। वहीं एक अन्य बुजुर्ग पर्यटक राम लखन का कहना है कि वह वरिष्ठ नागरिक है उन्होंने अपना कार्ड तक दिखाया, लेकिन उनके लिए अलग से लाइन की कोई व्यवस्था न होने के कारण वह एक घंटों से परेशान हैं। दिल्ली से आयी रागिनी परिवहन विभाग की व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं। वह कहती है कि अपने बच्चो के साथ दो घंटे से लाइन में खड़ी है, बच्चे परेशान हो रहे हैं, लेकिन बसे कम होने के कारण उत्तराखंड सरकार की व्यवस्था में खामियाँ साफ़ दिख रही है। सरकार को पर्यटकों की परेशानी को देखते हुए देहरादून मसूरी के लिए अतिरिक्त बसें चलानी चाहिए। लखनउ से आये एक अन्य पर्यटक उमरउददीन अपनी ट्रेन छूटने पर काफी नाराज दिखाई दिए।  उनका कहना है कि उनकी शाम की ट्रेन थी, लेकिन वह छूट गयी है, अब बस से जाना पडे़गा, लेकिन बसों का टोटा होने के कारण वह अब भी यहीं लाइन में फंसे हुए हैं।

Tags

Leave a Reply

Close