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स्थानीय लोगों को टेंट तक की अनुमति नही, फिर गुप्ता बंधुओं पर उदारता क्यों? हाईकोर्ट पहुंचा मामला

प्रवासी गुप्ता बंधुओं के बेटों की औली में होने वाली शाही शादी के मामले में जहाँ एक ओर हाईकोर्ट में अधिवक्ता रक्षित जोशी द्वारा जनहित याचिका दायर की गई है। सोमवार को मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन और न्यायाधीश आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ में हो सकती है। वहीं एडवेंचर एसोसिएशन ने भी इस शादी पर कड़ा एतराज जताते हुए प्रधानमन्त्री मोदी के समक्ष ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवाई है।  एसोसिएशन ने कहा है कि समुद्रतल से 10500 फीट से अधिक ऊंचाई पर स्थित इस विंटर डेस्टिनेशन को वेडिंग डेस्टिनेशन बनाया जाना पर्यावरण की दृष्टि से बेहद खतरनाक है।

नैनीताल: प्रवासी गुप्ता बंधुओं के बेटों की औली में होने वाली शाही शादी के मामले में जहाँ एक ओर हाईकोर्ट में अधिवक्ता रक्षित जोशी द्वारा जनहित याचिका दायर की गई है। सोमवार को मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन और न्यायाधीश आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ में हो सकती है। वहीं एडवेंचर एसोसिएशन ने भी इस शादी पर कड़ा एतराज जताते हुए प्रधानमन्त्री मोदी के समक्ष ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवाई है।  एसोसिएशन ने कहा है कि समुद्रतल से 10500 फीट से अधिक ऊंचाई पर स्थित इस विंटर डेस्टिनेशन को वेडिंग डेस्टिनेशन बनाया जाना पर्यावरण की दृष्टि से बेहद खतरनाक है।

औली में 18 से 22 जून तक गुप्ता बंधुओं के बेटों की शाही शादी के लिए औली में टेंट कालोनी के साथ शादी समारोह स्थल की साज सज्जा का काम युद्धस्तर पर जारी है। उद्योगपति अजय गुप्ता के पुत्र सूर्यकांत का विवाह 20 जून और अतुल गुप्ता के बेटे शशांक का विवाह 22 जून को औली में होगा। कहा जा रहा है कि इस विवाह समारोह में मेहमानों को लाने के लिए करीब 200 हेलीकाप्टरों की व्यवस्था की गई है। इस समारोह के आयोजन में जोशीमठ और औली के पर्यावरण को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।

बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट में यह मामला उठा था और कोर्ट ने कहा था कि जनहित याचिका दाखिल होने पर सुनवाई हो सकती है। कोर्ट स्वत: संज्ञान इस मामले का नहीं लेगा। शुक्रवार को काशीपुर निवासी और हाईकोर्ट के अधिवक्ता रक्षित जोशी ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि औली में गुप्ता बंधुओं के बेटों की शादी में लगभग 200 हेलीकाप्टर आएंगे। इससे पर्यावरण को भारी नुकसान होने की आशंका है। शुक्रवार को यह जनहित याचिका रजिस्ट्री में पहुंची। अधिवक्ता रक्षित जोशी ने बताया कि बुग्यालों में व्यवसायिक गतिविधियां पहले से ही प्रतिबंधित की जा चुकी हैं।

 शाही शादी से जैव विविधता को खतरा: एडवेंचर एसोसिएशन

उधर, इस शाही शादी के लिए विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल औली में हो रहे अस्थायी निर्माणों का एडवेंचर एसोसिएशन ने कड़ा विरोध किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को की गई ऑनलाइन शिकायत में एसोसिएशन ने कहा है कि समुद्रतल से 10500 फीट से अधिक ऊंचाई पर स्थित इस विंटर डेस्टिनेशन को वेडिंग डेस्टिनेशन बनाया जाना पर्यावरण की दृष्टि से बेहद खतरनाक है।

एडवेंचर एसोसिएशन के अध्यक्ष विवेक पंवार और सचिव संतोष कुंवर ने कहा कि औली जैसे बुग्याली (मखमली घास का मैदान) क्षेत्र में गुप्ता बंधुओं के बेटों की शाही शादी से जैव विविधता को खतरा पैदा हो गया है। कारण, शाही शादी के लिए वहां नियम-कानूनों को ताक पर रखकर टेंट कॉलोनी के साथ ही अन्य अस्थायी निर्माण किए जा रहे हैं। जबकि बुग्यालों में टेंट लगाने के साथ अन्य गतिविधियों के संचालन पर नैनीताल हाईकोर्ट ने रोक लगाई हुई है। ऐसे में प्रशासन की ओर से औली व गोरसों बुग्याल में कैसे निर्माण कार्यों की अनुमति दे दी गई।

शिकायत में एसोसिएशन ने यह भी कहा है कि पर्यटन व्यवसाय से जुड़े स्थानीय लोग जब पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बुग्यालों में टेंट लगाने की अनुमति मांगने जाते हैं तो उन्हें साफ इन्कार कर दिया जाता है। लेकिन, गुप्ता बंधुओं के मामले में उदारता बरती गई। ऐसा सौतेला बर्ताव स्थानीय पर्यटन व्यवसायियों के साथ सरासर अन्याय है।

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