दून अस्पताल की लापरवाही, नवजात ने भुगती बेटी होने की सजा, 36 घंटे में हुआ दूध नसीब

देहरादून: दून महिला अस्पताल में बड़ी लापरवाही सामने आई है, जिसके चलते एक नवजात बच्ची को बेटी होने का दंश झेलना पड़ रहा है.  बताया जा रहा है कि दो समान नाम की महिलाओं ने एक ही समय में बच्चे हुए, जिसमे से एक ने लडकी व दूसरी ने लड़के को जन्म दिया. लेकिन अभी भी दोनों में से कोई बच्ची को अपनाने को तैयार नहीं है. ऐसे में अब अस्पताल प्रबंधन के सामने भी खड़ा हो गया है? हालांकि बच्ची किसकी है इस बात का पता लगाने के लिए DNA टेस्ट किया जाएगा.

दरअसल मंगलवार सुबह एक समय में एक ही नाम की दो महिलाओं के बच्चे हुए थे. जिसमें से एक को लड़की और एक को लड़का हुआ था, लेकिन इनमें से एक परिवार का आरोप है कि डॉक्टरों ने पहले उन्हें बेटा होने की बात कही थी, जबकि शाम को लड़की होने की बात बताई. इसी को लेकर दोनों परिवारों में गलतफहमी हो गई और जिस परिवार के पास लड़की थी, उसने बच्ची अपनाने से इनकार कर दिया था. अस्पताल में नवजात बच्चे को बदलने को लेकर रात को हंगामा हुआ था. परिजनों का आरोप है कि जन्म के समय डॉक्टर ने उन्हें बताया था कि उनको बेटा हुआ है, लेकिन शाम को डॉक्टरों की तरफ से बेटी होने की बात बताई गई. जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया और बच्ची को अपनाने से इनकार कर दिया था.  इन परिस्थितियों में 36 घंटों तक किसी ने भी बच्ची को दुध नहीं पिलाया. इस दौरान बच्ची को अस्पताल प्रबंधन ने दूध पिलाया. नवजात को सांस लेने में दिक्कत है, जिसके कारण उसे वेंटीलेटर पर रखा गया है.

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इस सम्बंध में दून अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केके टम्टा ने बताया कि दोनों महिलाओं का नाम एक समान है और बच्चे अलग अलग समय पर पैदा हुए हैं. इसके बाद कैसे गलतफहमी हुई यह सोचने की बात है. बच्ची किस की है, इसका पता लगाने के लिए दोनों परिवार डीएनए जांच कराने पर अड़े हुए हैं. अस्पताल प्रबंधन की ओर से डीएनए जांच कराने के आदेश दिए है. डीएनए रिपोर्ट आने तक दोनों महिलाओं को डिस्चार्ज नहीं किया जाएगा.