पीएम मोदी के रेवड़ी कल्चर वाले बयान पर केजरीवाल का निशाना, कहा- फिर क्या करोड़ों का कर्जा माफ करना सही है

 New Delhi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा फ्री योजनाओं को गलत बताने के बाद एक बार फिर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने केंद्र पर निशाना साधा है. उन्होंने किसी का नाम लिए बिना कहा कि फ्री सुविधाओं को गलत कहने वालों को पहले ये सोचना चाहिए कि क्या करोड़ों का कर्जा माफ करना सही है. मुफ्त की योजनाओं से टैक्सपेयर्स का नुकसान नहीं होगा, न ही इससे देश को नुकसान होगा. बल्कि चंद लोगों को राहत देकर जनता पर जीएसटी का बोझ डालना धोखा कहलाता है.

अरविंद केजरीवाल ने केंद्र की ओर इशारा करते हुए कहा कि टैक्स देने वाला हर एक देशवासी ये सोचता है कि उन्हें अच्छी सुविधा मिले. जबकि टैक्सपेयर्स के चुकाए हुए टैक्स से अपने चंद दोस्तों का कर्ज माफ किया जा रहा है. ऐसी स्थिति में पूरे देश का टैक्सपेयर धोखा महसूस करता है. उन्होंने परोक्ष रूप से केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि अच्छी शिक्षा और अच्छे इलाज की सुविधा देने से टैक्सपेयर के साथ धोखा नहीं होता. उन्होंने कहा कि 10 लाख करोड़ के कर्जे माफ नहीं किए जाते तो आज देश घाटे में नहीं होता. हमें दूध और दही पर जीएसटी देने की जरूरत नहीं पड़ती. इसके बारे में सीधे जनता से पूछना चाहिए कि क्या चंद लोगों के कर्ज माफ करना सही है या फिर टैक्स के बदले अच्छी शिक्षा, अच्छे इलाज और अन्य सुविधाएं मुहैया करानी चाहिए.

पीएम मोदी ने मुफ्त योजनाओं को बताया था गलत

इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने देश में मुफ्त चीजें बांटने जैसी योजनाओं को गलत करार दिया था. हरियाणा के पानीपत में इथेनॉल प्लांट के उद्घाटन के मौके पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि रेवड़ी कल्चर देश को आत्मनिर्भर बनने से रोकती है. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा था कि देश के विकास के लिए जरूरी है कि सरकार के पास पैसा हो तभी वह निवेश कर सकती है. भले ही उन्होंने किसी का जिक्र नहीं किया, लेकिन पीएम मोदी के इस बयान को आम आदमी पार्टी पर हमला माना जा रहा है. उन्होंने कहा, ‘जिनकी राजनीति आत्मकेंद्रित है, वे आकर किसी दिन पेट्रोल-डीजल के मुफ्त वितरण की घोषणा कर सकते हैं. इस तरह के कदम देश के बच्चों का भविष्य छीन लेंगे.