प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर को देश को कृषि एवं बीज उत्पादन में क्रांति लाने का श्रेय जाता है : राज्यपाल

राज्यपाल ने कहा- ऑर्गेनिक और नैचुरल फार्मिंग को बढ़ावा दिए जाने की दिशा में विश्वविद्यालय को कार्य करना होगा

Dehradun: राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) के समक्ष डॉ  पी.एल.गौतम, पूर्व कुलपति गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर ने एक प्रस्तुतीकरण दिया। इस प्रस्तुतीकरण में उन्होंने गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर के इतिहास, उपलब्धियों एवं चुनौतियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने अवगत कराया कि गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर को देश को कृषि एवं बीज उत्पादन में क्रांति लाने का श्रेय जाता है।
उन्होंने विश्वविद्यालय का कृषि से संबंधित अनुसंधान में योगदान की जानकारी दी। गौतम द्वारा अपने प्रस्तुतीकरण में कृषि विज्ञान केन्द्रों की महत्ता व उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी भी दी गई। उन्होंने बताया कि यह हमारे देश एवं प्रदेश के लिए सम्मान की बात है कि यहां पर विश्व स्तरीय कृषि विश्वविद्यालय अवस्थित है, जो पूरी दुनिया में कृषि के क्षेत्र में क्रांति लाने में सक्षम है। उन्होंने अपने अनुभवों को साझा करते हुए गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर को और समृद्ध बनाने के लिए अपने सुझाव भी रखे। उन्होंने आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए शोध के माध्यम से कृषि के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने संबंधित सुझाव दिए।

राज्यपाल ने गौतम की प्रस्तुतीकरण की सराहना करते हुए उनके द्वारा दिए गए सुझावों को उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को एक विश्व स्तरीय शिक्षा केंद्र और सेंटर ऑफ एक्सलेन्स बनाने के लिए हर सकारात्मक सुझाव का स्वागत है। उन्होंने कहा कि गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय को और अधिक सुदृढ बनाने के हरसंभव प्रयास किए जायेंगे। राज्यपाल ने कहा की ऑर्गेनिक और नैचुरल फार्मिंग को बढ़ावा दिए जाने की दिशा में विश्वविद्यालय को कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि देश के साथ साथ उत्तराखंड कृषि प्रधान  है यहां पर कृषि क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं जिन्हें दृष्टिगत रखते हुए हमें विश्वविद्यालय और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में कार्य करना होगा। राज्यपाल ने इस अवसर पर ऊधमसिंह नगर क्षेत्र में वर्षों पूर्व आए विस्थापितों और स्थानीय लोगों द्वारा  प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद भूमि को उपजाऊ  और कृषि कार्यों हेतु समृद्ध बनाने के लिए किए गए योगदान को याद किया। इस अवसर पर विधि परामर्शी राज्यपाल अमित कुमार सिरोही, ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो जे.कुमार भी उपस्थित रहे।