यूक्रेन के शहरों में फंसे है उत्तराखंड के कई छात्र, परिजन चिंतित, सरकार से लगाई गुहार, टोल फ्री नंबर जारी

प्रमुख सचिव गृह आरके सुधांशु ने सभी जिलाधिकारियों और एसएसपी को निर्देश दिए हैं. उन्‍होंने इन अधिकारियों से अपने जिलों से यूक्रेन में फंसे व्यक्तियों की जानकारी एकत्र करने के लिए कहा है. इसके लिए व्यापक प्रचार व प्रसार करने के आदेश भी दिए गए हैं। वहीं यूक्रेन में फंसे लोगों की जानकारी देने के लिए 112 टोल फ्री नंबर भी जारी किया गया है.

U S Nagar: यूक्रेन पर रूस के हमला करने के ऐलान के बाद वहां फंसे उत्तराखंड के कई छात्रों के परिवार और रिश्तेदारों की जान सांसत में है. यूक्रेन के अलग-अलग शहरों में देवभूमि उत्तराखंड के कई स्टूडेंट्स पढ़ाई कर रहे हैं. वहां पर जारी संकट के चलते  रुद्रपुर, पिथौरागढ़ और देहरादून  जैसे शहरों के कई छात्र वहीं फंस गए हैं. इन छात्रों को भारत में लौटने का साधन भी नहीं मिल पा रहा. वहीं अब उत्‍तराखंड शासन की ओर से भी सभी जिलाधिकारियों के लिए आदेश जारी किए गए हैं.

करीब आठ छात्र यूक्रेन में फंसे पड़े हैं.यह छात्र मेडिकल शिक्षा के लिए भारत से यूक्रेन गए थे पर अब रूस द्वारा यूक्रेन पर हमला करने के बाद यह छात्र यूक्रेन में ही फंस गए हैं. रूस के हमले के बाद छात्र अपने जीवन को लेकर चिंतित दिखाई दे रहे हैं.वहीं उनके परिजन भारत सरकार से अपने बच्चों को सुरक्षित देश लाने की गुहार कर रहे हैं.

उधम सिंह नगर के मोहम्मद जावेद हर्ष मलिक चंदन मल्होत्रा तारिक मलिक ओसामा कुरैशी आदि छात्र एमबीबीएस की शिक्षा के लिए गए थे, जहां पर ये छात्र ट्रनोंपिल मेडिकल विश्विद्यालय व लवीव विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं.

रूस यूक्रेन के बीच तनाव उत्पन्न होने के बाद से यह छात्र भारत वापस आने का प्रयास कर रहे थे. अब रूस द्वारा यूक्रेन पर हमला करने के बाद यह सभी छात्र बहुत डरे हुए हैं. वहीं उनके परिजन भारत सरकार से अपने बच्चों को वापिस लाने की गुहार कर रहे है.परिजनों ने सरकार से अपील करते हुए कहा कि हमारे बच्चे हमारे पास सकुशल वापस आ  जाएं.

वहीं इस मामले में सीएम पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि राज्य सरकार, विदेश मंत्रालय के संपर्क में लगाातर है ताकि यूक्रेन में फंसे स्टूडेंट्स को भारत में जल्द से जल्द लाया जा सके. गौरतलब हो कि यूक्रेन में जैसे हालात बन गए हैं, उनके चलते इंटरनेशनल उड़ानें भी प्रभावित हुई हैं.इस कारण  यूक्रेन में फंसे हुए युवाओं के परिवार का बुरा हाल हो गया है.