अंतरराष्ट्रीय पर्वत दिवस पर हिलदारी का मेगा क्लीन-अप ड्राइव, एकत्र किया गया 620 किलो सूखा कूड़ा

Mussoorie: हिलदारी के तत्वाधान में लंढौर साउथ रोड राजमंडी में विश्व पर्वत दिवस पर वृहद स्वच्छता अभियान चलाया गया, जिसमें नगर पालिका परिषद, हिलदारी, कीन, मसूरी गर्ल्स, रूबीना इंस्टीटयूट एवं द फर्न ब्रेंटवुड ने संयुक्त अभियान चलाकर 620 किलो सूखा कूड़ा एकत्र किया।

विश्व पर्वत दिवस पर हिलदारी के तत्वाधान में लंढौर साउथ रोड पर चलाये गये वृहद स्वच्छता अभियान में साउथ रोड राजमंडी की पहाड़ी से बड़ी मात्रा में सूखा कूड़ा एकत्र किया गया। सभी संस्थाओं के संयुक्त प्रयास से चलाये गये स्वच्छता अभियान में बड़ी संख्या में स्वयसेवियों ने प्रतिभाग किया व  शहर को स्वच्छ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सहयोग दिया।

इस मौके पर हिलदारी के प्रबंधक अरविंद शुक्ला ने बताया कि हिलदारी नेस्ले इंडिया द्वारा समर्थित एक पहल है, जिसमें स्त्री मुक्ति संगठन कार्यान्वयन पार्टनर एवं रेसिटी नेटवर्क तकनीकी भागीदार है। स्वच्छता अभियान में नगर पालिका परिषद मसूरी, कीन, हिलदारी, मसूरी गर्ल्स  इंटर कॉलेज, द फन ब्रेंटहुड के सहयोग से सॉउथ रोड राजमंडी वॉर्ड 5 में स्वच्छता अभियान चला गया, जिसमें 620 किलो सूखा कचरा निकाला गया। जिसे आईडीएच स्थित ड्राई वेस्ट कलेक्शन सेंटर ले जाया गया। टीम के सदस्यों द्वारा स्थानीय निवासियों को पर्वतीय क्षेत्रों के प्रति संवेदनशीलता व  अपने कूड़े को पर्यावरण मित्र को देने के लिए जागरूक किया गया। साथ ही लोगों को पर्वतों के प्रति अपने दायित्वों के बारे में भी बताया गया।

उन्होंने बताया कि हिलदारी और कीन द्वारा लगातार लोगो को सड़क किनारे, नाले या पहाड़ एवं जंगलो में कूड़ा ना फेकने के लिए जागरूक किया जा रहा है। क्योंकि जलवायु और भूमिगत परिवर्तनों के कारण पर्वतों की भौगोलिक स्थिति में परिवर्तन आ रहा है, इसलिए इन क्षेत्रों का विकास और संरक्षण हम सबकी जिम्मेदारी है। जिससे कि क्षेत्र के साथ पर्यावरण को भी बचाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि विगत 3 वर्षों में नगर पालिका परिषद मसूरी, हिलदारी एवं कीन के साथ ही विभिन्न संगठनों के संयुक्त प्रयासों से 120 स्वच्छता अभियान विभिन्न क्षेत्रों में चलाए गए हैं और 607 मैट्रिक टन सूखा कूड़े को लैंडफिल में जाने से रोकते हुए व्यवस्थित निस्तारण किया गया है।

इस मौके पर कीन संस्था के अशोक कुमार ने कहा कि इस अभियान का उददेश्य शहर को स्वच्छ बनाना है और लगातार सभी के सहयोग से किए गये प्रयास से मसूरी को उत्तराखंड में स्वच्छता में पहला स्थान मिला है। इस अभियान के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया कि वह अपना कूड़ा पहाडियों पर न फेंके बल्कि कूडा एकत्र करने वाले को दें। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग सफाई कर्मचारी को कूड़ा नहीं देते उनके खिलाफ नगर पालिका को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए ताकि वे कूड़ा इधर उधर न फेंक सकें।

स्वच्छता अभियान को सफल बनाने में नगर पालिका परिषद मसूरी के स्वास्थ्य विभाग से सेनेटरी इंस्पेक्टर वीरेंद्रे बिष्ट, हवलदार प्रताप पवार, रूबी इंस्टीट्यूट से रुबीना अंजुम, द फर्न ब्रेंटवुड से निशा, मसूरी गल्र्स इंटर कॉलेज, मसूरी से इको क्लब की अध्यापिका मासंती धनाई और छात्राएं नैना, सुनीता कोहली, सुनीता दुमोगा, प्रमिला, रंजीता, ईशा, रेखा, प्रियंका, अंजलि, शिवानी, कीन संस्था से अशोक कुमार, विक्रम, शुभम, अजीत, कमल, निधि, विपिन और टीम हिलदारी से कमल, अभिलाष, रोहित, अरुण, किरन, लीला, निशा, जेबा, अंजली, माया आदि मौजूद रहे।

इसलिए मनाया जाता है  अंतरराष्ट्रीय पर्वत दिवस’ 

आज के दिन यानी ‘अंतरराष्ट्रीय पर्वत दिवस’ को मनाने के पीछे कई खास वजह है। दरअसल इस दिन के बहाने लोग दुनिया में पर्वतों की भूमिका को याद करते हैं और लोगों को जागरूक करते हैं। इस दिन हम लोगों को दुनिया में पहाड़ों की भूमिका और जीवन के इसके प्रभाव को समझने या समझाने का काम करते हैं। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2002 को संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय पर्वत वर्ष घोषित किया था और 2003 के 11 दिसंबर से अंतरराष्ट्रीय पर्वत दिवस मनाने का संकल्प लिया था।

आज के दिन हर साल अलग अलग देशों से कई सारे लोग पहाड़ों के संरक्षण के लिए आगे आते हैं। इसके अलावा आज के दिन संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा पहाड़ों के लिए एक विषय भी तय किया जाता है, जिस पर विभिन्न देश काम करते हैं। यह दिन पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए बेहद ही खास है। आज के दिन अलग-अलग मंचों पर कई प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती है जिससे वहां रह रहे लोगों को जागरूक किया जा सके और ज्यादा से ज्यादा पर्वतों के बारे में बातचीत की जा सके. इस दिन लोग अपनी यात्राओं और अनुभव को लोगों के बीच साझा करते हैं।