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पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने किसके लिए कहा- सिंह वही होता है, जो मोर्चे पर खड़ा रहता है

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के दावे को पूर्व सीएम ने खोखला करार दिया

Dehradun: पंजाब कांग्रेस के प्रभारी व एआईसीसी के महासचिव हरीश रावत ने एक टीवी चैनल के कार्यक्रम में पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के भाजपा में जाने की संभावना पर कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह सेकुलर हैं और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के लिए उनके मन में बहुत सम्मान है। अमरिंदर सिंह अकाली दल में चले गए थे। अपनी पार्टी बनाई थी, बुरी तरह से हार गए। कांग्रेस ने उनको साथ लिया और राज्य का मुख्यमंत्री बनाया। उन्होंने कहा कि अमरिंदर सिंह की मजबूरियों पर वह सार्वजनिक रूप से चर्चा नहीं करना चाहेंगे। लेकिन अमरिंदर सिंह की यह परीक्षा है कि आज जिस समय कांग्रेस इतिहास की सबसे बड़ी लड़ाई लड़ रही है, उन्हें कांग्रेस के मोर्चे पर खड़ा रहना चाहिए था, चाहे पद मिले न मिले। तब हम कहते सिंह इज किंग। उन्होंने कहा कि सिंह वही होता है, जो मोर्चे पर खड़ा रहता है।

पूर्व सीएम हरीश रावत ने भाजपा को लेकर कहा कि भाजपा में सबकुछ दो घरों से तय होता है, जबकि कांग्रेस में आंतरिक लोकतंत्र है। उनकी पार्टी में वैचारिक स्वतंत्रता रही है। हम भाजपा की तरह नहीं। कि दो घरों में तय होता है और सारी भाजपा मुहर लगाने का काम करती है।

इस मौके पर हरीश रावत ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के उस दावे को खोखला करार दिया, जिसमे कौशिक ने कहा था कि भाजपा सरकार में आठ लाख लोगों को स्वरोजगार से जोड़ा गया। हरीश रावत ने कहा कि इतना बड़ा मजाक तो कोई होली के दिन भी नहीं करता। उन्होंने कहा कि साढ़े चार साल में आठ लाख तो दूर, 80 हजार लोगों को भी स्वरोजगार दिया हो तो वह मुख्यमंत्री को पद्मश्री देने की सिफारिश कर देंगे। उन्होंने कहा कि देश में सबसे ज्यादा बेरोजगारी दर उत्तराखंड में है। बेरोजगारी के मुद्दे पर हमने कहा है कि कांग्रेस सरकार बनने पर एक साल में 22 हजार खाली पदों को भरेंगे। हर साल 10 प्रतिशत नए पद सृजित करेंगे। तीन साल में जिन युवाओं को रोजगार नहीं मिलेगा, उन्हें बेरोजगारी भत्ता देंगे। वहीं आम आदमी पार्टी के उत्तराखंड में एक लाख नौकरियां देने के दावे पर हरीश रावत ने तंज कसते हुए कहा कि न नौ मन तेल होगा न राधा नाचेगी। उन्होंने कहा कि साढ़े सात साल में दिल्ली वाले साढ़े छह हजार लोगों को नौकरी दे सके। वह यहां एक लाख लोगों को नौकरियां कैसे देंगे?

विधानसभा चुनाव में सामूहिक नेतृत्व के साथ उतरने के सवाल पर उन्होंने कहा कि बिना टीम बनाए कोई लक्ष्य हासिल नहीं होता। वन मैन टीम नहीं होती है। दोनों का समिश्रण कर चलेंगे। हमने सबके चेहरे अध्यक्ष में समाहित कर दिए। सभी गणेश गोदियाल के साथ चलेंगे। मुख्यमंत्री बनने के सवाल पर हरीश रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री चयन की एक प्रक्रिया होती है। 2002 में मैं सर्वमान्य चेहरा था, लेकिन तिवारी मुख्यमंत्री बनें। वहीं कहा कि उत्तराखंड में परिवर्तन शब्द अपने आप में बहुत महत्वपूर्ण है। यहाँ के परिप्रेक्ष्य में इसका विशेष अर्थ है, क्योंकि यहां जनता हर पांच साल में परिवर्तन लाती है। दूसरे विकल्प को अवसर देती है।

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