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उत्तराखंड कांग्रेस को झटका, विस चुनावों से पहले बीजेपी की नाव में सवार हुए पुरोला विधायक राजकुमार

Dehradun/ New Delhi: उत्तराखंड में लगभग चार-पांच माह बाद विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव से पहले सभी पार्टियां लगातार कद्दावर नेताओं को अपने पाले में लाने की कवायद में जुटी हुई है। फिलहाल भाजपा इसमें सबसे आगे है। रविवार को नई दिल्ली में अपने किले को मजबूत करने में जुटी भाजपा ने कांग्रेस को तगड़ा झटका दिया है। आज उत्तरकाशी जिले की पुरोला सीट से कांग्रेस विधायक राजकुमार भाजपा में शामिल हो गए हैं। इस दौरान केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भाजपा सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल बलूनी व उत्तराखंड भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक भी मौजूद रहे।

सूत्रों के मुताबिक उत्तराखंड के आंतरिक सर्वे में पार्टी को नुकसान की आहट है। जिसमे कृषि कानूनों के विरोध में चल रहा आंदोलन, राज्य के तीन तीन मुख्यंमंत्री बदलना, देवस्थानम बोर्ड आदि इस खतरे की मुख्य वजह माने जा रहे है। इसी के मद्देनजर सेंधमारी में जुटी भाजपा राजकुमार को अपनी नाव में सवार करवाने में सफल रही। इससे पहले धनौल्टी विधानसभा के विधायक प्रीतम सिंह पंवार को पहले ही पार्टी में शामिल करा चुकी है। इससे पहले राजकुमार शनिवार को भाजपा में शामिल होने वाले थे। लेकिन किन्हीं कारण वश उनकी ज्वाइनिंग टल गई थी। सूत्रों के मुताबिक, विधायक ने भाजपा केंद्रीय नेतृत्व के सामने देहरादून की एक सीट से टिकट देने की शर्त रखी थी। जिस कारण ऐसा हुआ था।

बता दें पुरोला विधायक राजकुमार ने देहरादून के डीएवी पीजी कॉलेज से ग्रेजुशन किया, लेकिन वह छात्र राजनीति में कभी भी सक्रिय नहीं रहे। उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि कांग्रेस की ही रही है। उनके पिता पतिदास ने 1985 में उत्तरकाशी से कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा था और हार गए थे। उत्तराखंड के अलग राज्य के रूप में अस्तित्व में आने के बाद वह भाजपा से जुड़े। 2007 में सहसपुर (आरक्षित) सीट से भाजपा ने राजकुमार को टिकट दिया। वह चुनाव जीत गए। इसके बाद 2012 सहसपुर सीट के सामान्य होने के बाद उन्होंने 2012 में पुरोला सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा। इस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इस चुनाव में भाजपा प्रत्याशी मालचंद जीते थे और राजकुमार दूसरे नंबर पर रहे थे। 2017 में उन्होंने कांग्रेस का दामन थामा और उन्हें पुरोला से टिकट मिला और इस चुनाव में उन्होंने जीत दर्ज की थी।

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