उत्तराखंडधार्मिकमसूरीराज्य

मसूरी: महाशिवरात्रि का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया, शिवालयों में लगा रहा शिवभक्तों का ताँता

Mussoorie: देशभर में आज महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जा रहा है। पहाड़ों की रानी मसूरी में भी महाशिवरात्रि का पर्व हर्षोल्लास व पारंपरिक रीति रिवाजों के साथ मनाया गया। यहाँ सुबह से ही शिवालयों,मंदिरों में शिव भक्तो का ताँता लगा रहा। इस अवसर पर श्रद्धालुओ ने भगवान शिव का जलाभिषेक व दुग्धाभिषेक किया व परिवार और देश की समृद्धि व कुशलता की मन्नतें मांगी। वहीं मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने प्रदेशवासियों को महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि का पावन पर्व शिव एवं शक्ति की आराधना का पर्व है। यह समाज को प्रेम और सद्भाव का संदेश देता है। मुख्यमंत्री ने इस पावन पर्व पर प्रदेशवासियों की खुशहाली एवं समृद्धि की प्रार्थना की है। वहीं विधायक गणेश जोशी व पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता ने भी प्रदेश व मसूरीवासियों को महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

महाशिवरात्रि का पर्व पर्यटन नगरी में उत्साह व उल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर श्रद्धालुओं ने घरों में प्रातः स्नान कर देवों के देव महादेव की पूजा अर्चना की व व्रत रखा। सुबह से ही मन्दिरों व शिवालयों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के दर्शन किये व बेल पत्री के साथ उनका जलाभिषेक व दुग्धाभिषेक किया। मसूरी में श्री सनातन धर्म मंदिर लंढौर, श्री राधाकृष्ण मंदिर कुलड़ी, श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर किताब घर, मौसी फाल सहित जैन धर्मशाला के निकट शिव मदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के दर्शन किये। इस मौके पर भोले के भक्तों ने जमकर ठंडाई व घोटे का आनंद प्रसाद स्वरूप ग्रहण किया। इसके साथ ही कई स्थानों पर भंडारे का आयोजन भी किया गया। मौसीफाल में भी हर साल की भांति भंडारे का आयोजन किया गया, जहाँ बड़ी संख्या में शिव भक्तो ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। वहीं मसूरी देहरादून मार्ग स्थित शिव मंदिर में हजारों श्रद्धालुओं ने भोले के जयकारे के साथ दर्शन किए जहां मसूरी सहित देहरादून व आसपास के श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचे। कैम्पटी स्थित शिव मंदिर, जीरो प्वांइट के समीप स्थित शिव मंदिर में भी भक्तों को दिनभर तांता लगा रहा।

इस मौके पर सनातन धर्म मंदिर के पुजारी अजय उनियाल ने बताया कि आज के दिन भगवान शिव की उत्पत्ति का दिन माना जाता है। आज ही के दिन उत्तराखंड के नारायण नामक पर्वत पर शिव-पार्वती विवाह संपन्न हुआ था, इसी कारण यह महापर्व मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि वैसे तो हर दिन शिव का है, लेकिन आज के दिन की विशेष महत्ता है। प्रत्येक वर्ष फाल्गुन माह की कृष्णपक्ष की चतुर्थी को यह पर्व मनाया जाता है। जिसमें शिव भक्त देवों के देव महादेव, सृष्टि के पालन हार, सृष्टि के उत्पन्नकर्ता बाबा भोले नाथ के दर्शन करते हैं व परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं।

Tags
Close