उत्तराखंडमनोरंजनमसूरीराज्य

मसूरी: एसपीएस नेगी के निधन से उत्तराखंडी सिने जगत में शोक की लहर, श्रद्धांजली अर्पित की

Mussoorie: उत्तराखंड फिल्म एसोसिएशन के अध्यक्ष एसपीएस नेगी के निधन से मसूरी के संस्कृतकर्मियों व उत्तराखंडी सिने कलाकारों में भी शोक की लहर है। संस्कृतकर्मियों ने शोक सभाकर दिवंगत एसपीएस नेगी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी व उत्तराखंडी संस्कृति को बढाने में उनके द्वारा दिये गये योगदान को याद किया। इस मौके पर कलाकारों ने कहा कि नेगी जी के आकस्मिक निधन से उत्तराखंडी सिने जगत एवं संस्कृति कर्मियों को गहरा धक्का लगा है।

मसूरी में आयोजित शोक सभा में उत्तराखंड फिल्म एसोसिएशन के महामंत्री राजेन्द्र रावत ने कहा कि एसपीएस नेगी ने अध्यक्ष रहते संस्कृति को बढाने के लिए जो काम किया है,वह हमेशा याद रखा जायेगा। उनके निधन से उत्तराखंडी फिल्म जगत से जुड़े कलाकारों व संस्कृतप्रेमियों को गहरा धक्का लगा है। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन के अध्यक्ष रहते हुए एसपीएस नेगी ने उत्तराखंड के सस्कृति कर्मियों, फिल्मी कलाकारों को आगे बढाने के लिए अहम योगदान दिया है। उन्होंने नौ यूफा अवार्ड के माध्यम से करीब 250 से अधिक कलाकारों का सम्मान किया व आर्थिक रूप से कमजोर कलाकारों की मदद की। इसके साथ ही उत्तराखंड की फिल्मी नीति को बनाने में अहम योगदान दिया जिसे भुलाया नहीं जा सकता। राजेन्द्र रावत ने कहा कि उनके सपनों को उत्तराखंड फिल्म एसोसिएशन साकार करने के लिए प्रयास करेगा,यहीं उनको सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

इस मौके पर फिल्म निदेशक प्रदीप भंडारी ने कहा कि एसपीएस नेगी उत्तराखंड के दूरदर्शन के लिए कार्यक्रम बनाने वाले प्रथम व्यक्ति थे। वहीं उन्होंने डांडी कांठी नाम से सीरियल शुरू करने के साथ ही उत्तराखंड दर्शन नाम से दूरदर्शन समाचार बुलेटिन कार्यक्रम शुरू किया। उन्होंने मांग की है कि प्रदेश सरकार उनके नाम से पांच लाख रूपये का एसपीएस नेगी फिल्म अवार्ड शुरू करे।

इस मौके पर वरिष्ठ लोक कलाकार उदघोषक व फिल्म निदेशक अनिल गोदियाल ने कहा कि एसपीएस नेगी से उनके गहरे संबंध रहे हैं। उन्होंने फिल्मों के माध्यम से उत्तराखंड की संस्कृति को आगे बढाया व अलग से पहचान दिलाई। वहीं यहां के कलाकारों को आगे बढाने में भी अहम भूमिका निभाई। उनके निधन से जो शून्य पैदा हुआ है उसे भरपाना कठिन है।

इस मौके पर अभिनेता संदीप राणा, रंगकर्मी प्रेम खंडूरी सहित अन्य संस्कृतिकर्मी मौजूद रहे।

Tags
Close