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अमेरिका ने WHO से तोडा नाता, बताया चीन की कठपुतली, चीन पर पाबंदियां लगाने की घोषणा की

New Delhi: कोरोना महामारी से सबसे ज्यादा त्रस्त अमेरिका विश्व स्वास्थ्य संगठन से हटने का ऐलान कर दिया है. अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने शुक्रवार को एलान किया कि अमेरिका अब वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) के साथ सारे संबंध तोड़ रहा है. WHO कोरोना वायरस को आरंभिक स्तर पर रोकने में नाकाम रहा. ट्रंप ने कहा कि WHO पूरी तरह से चीन के नियंत्रण में है. WHO बदलाव की प्रक्रिया शुरू करने में नाकाम रहा है. Donal Trump ने कोरोना महामारी और हांगकांग के मामले में चीन के खिलाफ पाबंदियां लगाने की घोषणा भी की

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि चीन WHO को एक साल में 40 मिलियन डॉलर देने के बावजबूद अपने नियंत्रण में रखता है जबकि अमेरिका एक साल में WHO को करीब 450 मिलियन डॉलर का अनुदान देता है. WHO से सुधार को लेकर जो सिफारिश की गई थी उसे लागू नहीं किया गया, इसलिए अमेरिका WHO से अपना रिश्ता तोड़ रहा है. Trump ने चीन पर हमला करते हुए कहा कि चीन ने WHO को गुमराह किया है. चीन ने हमेशा चीजों को छुपाया है और कोरोना मामले में चीन को जवाब देना ही होगा. WHO चीन की कठपुतली के तौर पर काम कर रहा है, इसलिए हम उससे नाता तोड़ रहे हैं. इसके साथ ही कोरोना महामारी मामले में धोखा देने और हांगकांग मामले में ज्यादती की वजह से चीन के खिलाफ पाबंदियां लगा रहे हैं. डोनाल्ड ट्रंप ने कोरोना वायरस के प्रसार के लिए चीन को जिम्मेदार ठहराया और उस पर अक्षमता का आरोप भी लगाया है. उन्होंने कहा कि दुनिया चीन के अपराध की सजा भुगत रही है. चीन ने वैश्विक महामारी की शुरुआत की और हमें लाखों जाने गंवाकर इसकी सजा भुगतनी पड़ी. डोनाल्ड्र ट्रंप ने कहा कि अमेरिका WHO को सालाना 45 करोड़ डॉलर का भुगतान करता है जबकि चीन हर साल 4 करोड़ डॉलर का भुगतान करता है. इसके बावजूद WHO पर चीन का नियंत्रण है.

बीते दिनों अमेरिका ने WHO को दी जाने वाली अपनी सहायता राशि पर रोक लगा दी थी, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने WHO पर कोरोना वायरस को पहचानने में फेल होने का आरोप लगाया था और चीन का साथ देने को लेकर आलोचना की थी.

साथ ही राष्ट्रपति ट्रंप ने WHO डायरेक्टर को एक चिट्ठी लिखी, जिसमें उन्होंने 30 दिन के भीतर संगठन में बड़े बदलाव करने को कहा था. अन्यथा अमेरिका अपनी राशि को हमेशा के लिए बंद कर देगा और संगठन से अलग होने पर विचार कर सकता है.

अमेरिका की ओर से लगातार यह आरोप लगाया जाता रहा है कि WHO ने कोरोना वायरस के मामले में घोर लापरवाही बरती और पूरी तरह से चीन का पक्ष लिया, इसी वजह से दुनिया को भुगतना पड़ रहा है.

कोरोना महामारी पूरी दुनिया में तबाही मचा रही है और यह 188 देश में फैल चुका है. इस महामारी से अब तक 5,878,701 संक्रमित हो चुके हैं जिसमें 362,769 लोगों की मौत हो चुकी है. इससे सबसे ज्यादा त्रस्त अमेरिका रहा जहां पर 1,735,971 मामलों में से 102,323 लोगों की मौत हो चुकी है. एक लाख से ज्यादा लोगों की मौत के बाद भी अमेरिका में मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा. सिर्फ अमेरिका ही नहीं बल्कि अन्य देश में इससे परेशान हैं. भारत समेत 12 देशों में यह महामारी 1 लाख के आंकड़े को भी पार कर चुकी है. साथ ही प्रकोप लगातार बढ़ता ही जा रहा है.

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